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श्री अम्बिकास्तवः – आकर्षक संस्करण

🌸 श्री अम्बिकास्तवः 🌸

श्रीगिरीशप्रियां चिन्तितार्थप्रदां रत्नताटङ्किनीं राजबिम्बाननाम् ।
सैरिभेन्द्रादिमत्तेभपञ्चानना मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ १॥

🌸 अर्थ: माँ अम्बिका शिवजी की प्रिय, रत्नों से अलंकृत, पाँच मुखों वाली, संकट निवारण करने वाली। उनकी शरण में भक्त सुरक्षित रहते हैं।

वारुणीसेवितां कीरवाणीस्तुतां शत्रुसंहारिणीं श्रेयसः कारिणीम् ।
वारुणीपारणां चारुसञ्चारिणी मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ २॥

🌸 अर्थ: वारुणी देवी द्वारा पूजित, मधुर वाणी वाली, शत्रु नाश करने वाली माँ अम्बिका।

सत्रयीकोणमध्यस्थबिन्दूपरि प्रस्फुरद्रत्नसिंहासनाधिष्ठिताम् ।
सर्वसौभाग्यसन्धायिनीं मायिनी मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ ३॥

🌸 अर्थ: सिंहासन पर विराजमान, रत्नों से अलंकृत, सौभाग्य और शक्ति देने वाली माँ अम्बिका।

मातृकाभिः परीवारितां किञ्चिदुन्मीलतां धीवरप्रेक्षणानन्दिनीम् ।
मत्तमातङ्गकुम्भोरुवक्षोरुहा मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ ४॥

🌸 अर्थ: मातृकाओं से घिरी, आधे खुले नेत्र वाली, संकट निवारक माँ अम्बिका।

यक्षगन्धर्वसिद्धाङ्गनामौलिगर्भस्थसूनातिसंवासिताङ्घ्रिद्वयम् ।
मातृकारूपिणीं मातृयन्त्रात्मिका मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ ५॥

🌸 अर्थ: यक्ष, गंधर्व आदि देवताओं के साथ, मातृरूपिणी और शक्ति देने वाली माँ अम्बिका।

वीरमाहेश्वरीं चारुधर्मक्रियां पारगात्रान्तरागारसंवासिनीम् ।
किङ्कराशेषसम्पत्करीं शाङ्करी मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ ६॥

🌸 अर्थ: वीर, धर्मपरायण, संपत्ति और समृद्धि देने वाली माँ अम्बिका।

ऐन्द्रवज्रादिकान्तिच्छटारञ्जिनीं शेखरीभूतशुक्लेन्दुरेखाभराम् ।
मन्जुमञ्जीरशिञ्जत्पदाम्भोरुहा मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ ७॥

🌸 अर्थ: तेजस्वी, उज्ज्वल, चरणमालाओं में झंकार वाली माँ अम्बिका संकट दूर करती हैं।

वामहस्तेन जिह्वाञ्चलां वैरिणः पाणिना दक्षिणेनायुधं मुद्गरम् ।
बिभ्रतीं पीतवर्णा लङ्कृता मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ ८॥

🌸 अर्थ: शक्तिशाली, शत्रु नाश करने वाली, पीली वरणा माँ अम्बिका।

पुस्तकं पाशमक्षसजं चाङ्कुशं दोर्लताभिर्दधानां त्रिनेत्रान्विताम् ।
बालिकां त्रैपुरीपुण्डरीकप्रभा मापदुत्तारिणीभम्बिकामाश्रये ॥ ९॥

🌸 अर्थ: बालिका रूप में तीन नेत्र वाली, ज्ञान और शक्ति देने वाली माँ अम्बिका।

ब्रह्मशौरीन्द्रमुख्यामरप्राप्तनायुधाच्छाननां स्रग्विभूषान्विताम् ।
भर्गपत्नीं सुदुर्गामभीष्टप्रदा मापदुत्तारिणीमम्बिकामाश्रये ॥ १०॥

🌸 अर्थ: ब्रह्मा और शक्ति के अस्त्र और यंत्रों से सुसज्जित, इच्छाओं की पूर्ति करने वाली दुर्गा माँ अम्बिका।

🌺 माँ अम्बिका सर्वशक्तिमयी, संकटहरिणी और कल्याणकारी हैं।
🌺 वीर, सुंदर, दैवीय और शक्तिशाली, उनकी शरण में भक्त सुख, शांति, सुरक्षा और मोक्ष प्राप्त करते हैं।
🌺 उनका रूप मातृकाओं से घिरा, तीन नेत्रों वाला और रत्नों से अलंकृत है।
🌺 वे शत्रुओं का नाश करती हैं और भक्तों के जीवन में कल्याण लाती हैं।

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