Chaturshashti Bhairava Namavali 🌸: 64 Divine Forms of Lord Bhairava with Hindi Shlokas & Word-to-Word Meaning(Representing AI image) 🌺 चतुःषष्टिभैरवनामावलिः 🌺 १। असिताङ्गो विशालाक्षो मार्तण्डो मोदकप्रियः । स्वच्छन्दो विघ्नसन्तुष्टः खेचरः सचराचरः ॥ अनुवाद (शब्द-शब्द): असिताङ्गः → काला शरीर वाला विशालाक्षः → बड़े नेत्र वाला मार्तण्डः → सूर्य सदृश मोदकप्रियः → मोदक (मिठाई) को प्रिय करने वाला स्वच्छन्दः → स्वतंत्र विघ्नसन्तुष्टः → विघ्नों से संतुष्ट खेचरः → आकाश में विचरने वाला (वायुचर) सचराचरः → चलने-फिरने वाले और स्थिर सभी में विद्यमान व्याख्या 🌸: यह भैरव रूप का वर्णन है, जो सब जगह मौजूद, स्वतंत्र, और हर जीव और पदार्थ में व्याप्त है। २। रुरुश्च क्रोड-दंष्ट्रश्च तथैव च जटाधरः । विश्वरूपो विरूपाक्षो नानारूपधरः परः ॥ अनुवाद (शब्द-शब्द): रुरुः → भयंकर रुद्र क्रोड-दंष्ट्रः → क्रोधी और दंतयुक्त जटाधरः → जटाओं वाला विश्वरूपः → विश्व के स्वरूप वाला विरूपाक्षः → अजीब और भयंकर नेत्र वाला नानारूपधरः → अनेक रूप धारण करने वाला परः → परम व्याख्या 🌸: यह भैर...
Chaturshashti Bhairava Namavali 🌸 64 Bhairava Forms Explained with Hindi Shlokas & Word-to-Word Meaning
🌺 चतुःषष्टिभैरवनामावलिः 🌺 🌺 चतुःषष्टिभैरवनामावलिः 🌺 १। असिताङ्गो विशालाक्षो मार्तण्डो मोदकप्रियः । स्वच्छन्दो विघ्नसन्तुष्टः खेचरः सचराचरः ॥ अनुवाद (शब्द-शब्द): असिताङ्गः → काला शरीर वाला विशालाक्षः → बड़े नेत्र वाला मार्तण्डः → सूर्य सदृश मोदकप्रियः → मोदक (मिठाई) को प्रिय करने वाला स्वच्छन्दः → स्वतंत्र विघ्नसन्तुष्टः → विघ्नों से संतुष्ट खेचरः → आकाश में विचरने वाला (वायुचर) सचराचरः → चलने-फिरने वाले और स्थिर सभी में विद्यमान व्याख्या 🌸: यह भैरव रूप का वर्णन है, जो सब जगह मौजूद, स्वतंत्र, और हर जीव और पदार्थ में व्याप्त है। २। रुरुश्च क्रोड-दंष्ट्रश्च तथैव च जटाधरः । विश्वरूपो विरूपाक्षो नानारूपधरः परः ॥ अनुवाद (शब्द-शब्द): रुरुः → भयंकर रुद्र क्रोड-दंष्ट्रः → क्रोधी और दंतयुक्त जटाधरः → जट...