🌸 श्रीनीलसरस्वती स्तोत्रम् 🌸
क्लिक करें प्रत्येक श्लोक पर अर्थ और अनुवाद देखने के लिए।
१. घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयङ्करि
भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्
भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्
भयानक रूप में, महान राक्षस जैसी शक्तिशाली, सभी शत्रुओं का भय दूर करने वाली, भक्तों को वरदान देने वाली देवी, मेरी शरण स्वीकार करो 🌺🙏
अर्थ: हे देवी, मेरी रक्षा करें और मुझे शरण प्रदान करें। 🌸✨
२. सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते
जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम्
जाड्यपापहरे देवि त्राहि मां शरणागतम्
देवताओं और असुरों द्वारा पूजित, सिद्ध और गंधर्वों द्वारा सेवा की जाने वाली, पाप और आलस्य दूर करने वाली देवी, मेरी रक्षा करो 🌷
अर्थ: हे देवी, मुझे पाप और आलस्य से मुक्त करो। 🌼
३. जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि
द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्
द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्
जटाओं से युक्त, तेज जीभ वाली, बुद्धि जल्दी प्रदान करने वाली देवी, मेरी रक्षा करो 🌸
अर्थ: हे देवी, मुझे बुद्धिमान बनाओ और रक्षा करो। 🌼
४. सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोस्तुते
सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम्
सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां शरणागतम्
सौम्य और क्रोधयुक्त रूप में, भयंकर रूप में, सृष्टि के रूप में प्रकट होने वाली देवी, मेरी रक्षा करो 🌸✨
अर्थ: हे देवी, मेरी शरण स्वीकार करें। 🌼
५. जडानां जडतां हन्ति भक्तानां भक्तवत्सला
मूढतां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम्
मूढतां हर मे देवि त्राहि मां शरणागतम्
जड़ता और अज्ञानता दूर करने वाली, भक्तों की प्रिय देवी, मेरी रक्षा करो 🌸
अर्थ: मुझे बुद्धिमान बनाओ और रक्षा करो। 🌺
६. वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नमः
उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्
उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्
मैं तुझसे शक्ति और रक्षा की कामना करता हूँ, बलिहोम की प्रिय उग्र तारा देवी, मेरी रक्षा करो 🌸✨
अर्थ: हे देवी, मुझे शक्ति दो और रक्षा करो। 🌼
७. बुद्धिं देहि यशो देहि कवित्वं देहि देहि मे
मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्
मूढत्वं च हरेद्देवि त्राहि मां शरणागतम्
बुद्धि, यश और कला देने वाली देवी, मूर्खता दूर करो, मेरी रक्षा करो 🌸
अर्थ: हे देवी, मुझे बुद्धि और यश दो। 🌼
८. इन्द्रादिविलसद्द्वन्द्ववन्दिते करुणामयि
तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि मां शरणागतम्
तारे ताराधिनाथास्ये त्राहि मां शरणागतम्
देवताओं द्वारा पूजित, करुणा से भरी, ताराधिनाथ की प्रिय देवी, मेरी रक्षा करो 🌸
अर्थ: मुझे बचाओ और करुणा दो। 🌼
९. अष्टम्यां च चतुर्दश्यां नवम्यां यः पठेन्नरः
षण्मासैः सिद्धिमाप्नोति नात्र कार्या विचारणा
षण्मासैः सिद्धिमाप्नोति नात्र कार्या विचारणा
आठवीं, चौदवीं और नवमी तिथि में पढ़ने वाला छह महीनों में सिद्धि प्राप्त करता है 🌟
अर्थ: इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने वाला सिद्धि प्राप्त करता है। 🌸
१०. मोक्षार्थी लभते मोक्षं धनार्थी लभते धनम्
विद्यार्थी लभते विद्यां तर्कव्याकरणादिकम्
विद्यार्थी लभते विद्यां तर्कव्याकरणादिकम्
मोक्षार्थी मोक्ष प्राप्त करता है, धनार्थी धन, विद्यार्थी ज्ञान और तर्क व्याकरण प्राप्त करता है 🌼
अर्थ: इस स्तोत्र से इच्छित फल प्राप्त होता है। 🌸
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