त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम् 🌸🪷
शब्द-शब्द अनुवाद और सहज हिंदी अर्थ के साथ
श्लोक 1
कदंबवनचारिणीं मुनिकदम्बकादंविनीं, नितंबजितभूधरां सुरनितंबिनीसेविताम् | नवंबुरुहलोचनामभिनवांबुदश्यामलां, त्रिलोचनकुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये ॥1॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनचारिणीं – कदंब के जंगल में रहने वाली
मुनिकदम्बकादंविनीं – मुनियों जैसी सुंदर
नितंबजितभूधरां – जिनके नितंब धरती जितने आकर्षक
सुरनितंबिनीसेविताम् – जिनका पूजन देवता भी करते हैं
नवंबुरुहलोचनामभिनवांबुदश्यामलां – नवीन आँखें और कमल जैसी श्याम त्वचा
त्रिलोचनकुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनचारिणीं – कदंब के जंगल में रहने वाली
मुनिकदम्बकादंविनीं – मुनियों जैसी सुंदर
नितंबजितभूधरां – जिनके नितंब धरती जितने आकर्षक
सुरनितंबिनीसेविताम् – जिनका पूजन देवता भी करते हैं
नवंबुरुहलोचनामभिनवांबुदश्यामलां – नवीन आँखें और कमल जैसी श्याम त्वचा
त्रिलोचनकुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, मुनियों जैसी सुंदर हैं, जिनके नितंब धरती जितने आकर्षक हैं, देवता जिनका पूजन करते हैं, जिनकी आँखें नवीन और शरीर कमल जैसी श्यामल हैं, और जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड की माता हैं। 🪷
मैं उस त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, मुनियों जैसी सुंदर हैं, जिनके नितंब धरती जितने आकर्षक हैं, देवता जिनका पूजन करते हैं, जिनकी आँखें नवीन और शरीर कमल जैसी श्यामल हैं, और जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड की माता हैं। 🪷
श्लोक 2
कदंबवनवासिनीं कनकवल्लकीधारिणीं, महार्हमणिहारिणीं मुखसमुल्लसद्वारुणींम् | दया विभव कारिणी विशद लोचनी चारिणी, त्रिलोचन कुटुम्बिनी त्रिपुरसुंदरी माश्रये ॥2॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कनकवल्लकीधारिणीं – सोने की बेल जैसी आभूषणधारी
महार्हमणिहारिणीं – अनेकों रत्नों से सुशोभित
मुखसमुल्लसद्वारुणीं – लाल और सुंदर मुख वाली
दया विभव कारिणी – दया और शक्ति की अधिकारी
विशद लोचनी चारिणी – निर्मल दृष्टि वाली
त्रिलोचन कुटुम्बिनी – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरी माश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कनकवल्लकीधारिणीं – सोने की बेल जैसी आभूषणधारी
महार्हमणिहारिणीं – अनेकों रत्नों से सुशोभित
मुखसमुल्लसद्वारुणीं – लाल और सुंदर मुख वाली
दया विभव कारिणी – दया और शक्ति की अधिकारी
विशद लोचनी चारिणी – निर्मल दृष्टि वाली
त्रिलोचन कुटुम्बिनी – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरी माश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, सोने जैसी आभूषणधारी, अनेक रत्नों से सुशोभित, लाल मुख वाली, दया और शक्ति की देवी हैं, और जिनकी दृष्टि निर्मल है। 🪷
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, सोने जैसी आभूषणधारी, अनेक रत्नों से सुशोभित, लाल मुख वाली, दया और शक्ति की देवी हैं, और जिनकी दृष्टि निर्मल है। 🪷
श्लोक 3
कदंबवनशालया कुचभरोल्लसन्मालया, कुचोपमितशैलया गुरुकृपालसद्वेलया | मदारुणकपोलया मधुरगीतवाचालया , कयापि घननीलया कवचिता वयं लीलया ॥3|
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनशालया – कदंबवन के महल जैसी
कुचभरोल्लसन्मालया – कंठ के फूलों जैसी माला पहने वाली
कुचोपमितशैलया – कुच के समान सुंदर शरीर वाली
गुरुकृपालसद्वेलया – गुरु की कृपा से सुशोभित
मदारुणकपोलया – गुलाबी गालों वाली
मधुरगीतवाचालया – मधुर गीतों की वाणी वाली
कयापि घननीलया – काला और नीला वस्त्र धारण करने वाली
कवचिता वयं लीलया – लीलाओं में ढकी हुई
कदंबवनशालया – कदंबवन के महल जैसी
कुचभरोल्लसन्मालया – कंठ के फूलों जैसी माला पहने वाली
कुचोपमितशैलया – कुच के समान सुंदर शरीर वाली
गुरुकृपालसद्वेलया – गुरु की कृपा से सुशोभित
मदारुणकपोलया – गुलाबी गालों वाली
मधुरगीतवाचालया – मधुर गीतों की वाणी वाली
कयापि घननीलया – काला और नीला वस्त्र धारण करने वाली
कवचिता वयं लीलया – लीलाओं में ढकी हुई
हिंदी अर्थ:
मैं उस त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन के महलों जैसी हैं, गाल गुलाबी, मधुर वाणी वाली, सुंदर शरीर धारी और लीलाओं में लिप्त हैं। 🪷
मैं उस त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन के महलों जैसी हैं, गाल गुलाबी, मधुर वाणी वाली, सुंदर शरीर धारी और लीलाओं में लिप्त हैं। 🪷
श्लोक 4
कदंबवनेश्वरीं कांतवल्लरीधारिणीं, विभुविन्ध्यकुटीप्रभा सुमनोहर रूपिणीं | करुणा सुरानां दीना दीनानां कृपालिनीं, त्रिलोचन कुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये ॥4॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनेश्वरीं – कदंबवन की देवी
कांतवल्लरीधारिणीं – सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी
विभुविन्ध्यकुटीप्रभा – पर्वत जैसी तेजस्वी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
करुणा सुरानां दीना दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनेश्वरीं – कदंबवन की देवी
कांतवल्लरीधारिणीं – सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी
विभुविन्ध्यकुटीप्रभा – पर्वत जैसी तेजस्वी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
करुणा सुरानां दीना दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन की देवी हैं, सुंदर और तेजस्वी, मनोहारी रूप वाली, देवताओं और असहायों पर कृपालु हैं। 🪷
मैं उस त्रिपुरसुंदरी देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन की देवी हैं, सुंदर और तेजस्वी, मनोहारी रूप वाली, देवताओं और असहायों पर कृपालु हैं। 🪷
श्लोक 5
कदंबवनेश्वरीं कांतवल्लरीधारिणीं, सुवर्णमणिप्रभा सुमनोहर रूपिणीं | करुणा सुरानां दीना दीनानां कृपालिनीं, त्रिलोचन कुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये ॥5॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनेश्वरीं – कदंबवन की देवी
कांतवल्लरीधारिणीं – सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी
सुवर्णमणिप्रभा – सोने और रत्न जैसी तेजस्वी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
करुणा सुरानां दीना दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनेश्वरीं – कदंबवन की देवी
कांतवल्लरीधारिणीं – सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी
सुवर्णमणिप्रभा – सोने और रत्न जैसी तेजस्वी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
करुणा सुरानां दीना दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन की देवी हैं, सोने और रत्न जैसी तेजस्वी, सुंदर रूप वाली, देवताओं और असहायों पर कृपालु हैं। 🪷
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन की देवी हैं, सोने और रत्न जैसी तेजस्वी, सुंदर रूप वाली, देवताओं और असहायों पर कृपालु हैं। 🪷
श्लोक 6
कदंबवनवासिनीं कमलदलावलिनीं, सुमनोहर रूपिणीं सर्वमङ्गलप्रदायिनीम् | करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं, त्रिलोचन कुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये ॥6॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कमलदलावलिनीं – कमल के फूल जैसी सुंदर
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
सर्वमङ्गलप्रदायिनीम् – सभी कल्याण देने वाली
करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कमलदलावलिनीं – कमल के फूल जैसी सुंदर
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
सर्वमङ्गलप्रदायिनीम् – सभी कल्याण देने वाली
करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, कमल के फूल जैसी सुंदर, सभी कल्याण देने वाली, देवताओं और असहायों पर कृपालु हैं। 🪷
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, कमल के फूल जैसी सुंदर, सभी कल्याण देने वाली, देवताओं और असहायों पर कृपालु हैं। 🪷
श्लोक 7
कदंबवनवासिनीं कनकवल्लीधरिणीं, सुमनोहर रूपिणीं सर्वसुखप्रदायिनीम् | करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं, त्रिलोचन कुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये ॥7॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कनकवल्लीधरिणीं – सोने की बेल जैसी आभूषणधारी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
सर्वसुखप्रदायिनीम् – सभी सुख देने वाली
करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कनकवल्लीधरिणीं – सोने की बेल जैसी आभूषणधारी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
सर्वसुखप्रदायिनीम् – सभी सुख देने वाली
करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, सोने की बेल जैसी आभूषणधारी, सुंदर रूप वाली, सभी सुख देने वाली और कृपालु हैं। 🪷
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, सोने की बेल जैसी आभूषणधारी, सुंदर रूप वाली, सभी सुख देने वाली और कृपालु हैं। 🪷
श्लोक 8
कदंबवनवासिनीं कांतवल्लीधरिणीं, सुमनोहर रूपिणीं सर्वमङ्गलप्रदायिनीम् | करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं, त्रिलोचन कुटुम्बिनीं त्रिपुरसुंदरीमाश्रये ॥8॥
शब्द-शब्द अनुवाद:
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कांतवल्लीधरिणीं – सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
सर्वमङ्गलप्रदायिनीम् – सभी कल्याण देने वाली
करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
कदंबवनवासिनीं – कदंबवन में रहने वाली
कांतवल्लीधरिणीं – सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी
सुमनोहर रूपिणीं – सुंदर मनोहारी रूप वाली
सर्वमङ्गलप्रदायिनीम् – सभी कल्याण देने वाली
करुणा सुरानां दीनानां कृपालिनीं – देवताओं और असहायों पर कृपालु
त्रिलोचन कुटुम्बिनीं – त्रिलोक की माता
त्रिपुरसुंदरीमाश्रये – मैं त्रिपुरसुंदरी में शरण लेता हूँ
हिंदी अर्थ:
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी, सुंदर रूप वाली, सभी कल्याण देने वाली और कृपालु हैं। 🪷
मैं उस देवी की शरण में जाता हूँ, जो कदंबवन में रहती हैं, सुंदर बेल जैसी आभूषणधारी, सुंदर रूप वाली, सभी कल्याण देने वाली और कृपालु हैं। 🪷
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