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श्री शूलिनी दुर्गा माला मन्त्र

🌸 श्री शूलिनी दुर्गा माला मन्त्र 🌸

🌺 श्री शूलिनी दुर्गा माला मन्त्र 🌺

ॐ अस्य श्री शूलिनीदुर्गा माला मन्त्रस्य । ब्रह्मा ऋषिः । गायत्री छन्दः । श्रीशूलिनी देवता । दुँ बीजं । स्वाहा शक्तिः । ह्रीँ कीलकं । श्री शूलिनि दुर्गाकटाक्ष सिद्ध्यर्थं जपे विनियोगः ॥

🌸 ध्यान श्लोक 🌸

संवर्गानलकोटि कोटि विलसत्तेजोमयीं भीषणां ।
वीराभिः परिवारिताभिरभितो वीरैर्ग्रसद्दिक्चयाम् ।
नानामूर्ति महाप्रयोगनिपुणैर्विड्भिः प्रयुक्ताः पुनः ।
तानेवाशु विनाशिनीं भयहरीं ध्यायेन्महाशूलिनीम् ॥

हम दिव्य माँ महाशूलिनी दुर्गा के उस उग्र रूप का ध्यान करते हैं जो करोड़ों अग्नियों के समान तेजस्वी हैं। वे वीरों से घिरी हैं, भयंकर और सब भय को हरनेवाली हैं। वे हर नकारात्मक शक्ति को निगल जाती हैं।

🌷 मन्त्र १ 🌷

ॐ नमो भगवति कङ्कालरात्रि दुँ दुर्गे शुँ शूलिनि बँ वटुकभैरवि अर्धरात्र विलासिनि प्रतापकेलिनि महाज्ञानधारिणि सर्वभूतप्रेत पिशाच मद भीषमाकर्षय भीषमाकर्षय आवेशय आवेशय केलय केलय भाषय भाषय महाबटुकभैरवी हुँ फट् स्वाहा ॥

हे भगवती कंकालरात्रि! हे दुर्गे! हे शूलिनी! आप अर्धरात्रि में लीला करनेवाली, महान ज्ञान की धारिणी हैं — सभी दुष्ट शक्तियों को वश में करें, भय और रोग को हरें। 🙏

🌼 मन्त्र २ 🌼

ॐ नमो भगवति भद्रकालि कासकूटमोहिनि ऐँ ह्रीँ श्रीँ इष्टकामार्थसिद्धिप्रदायिनि ब्राह्मी माहेश्वरी कौमारी वैष्णवी वाराही इन्द्राणी चामुण्डा भैरवेश्वरी आकर्शय आकर्शय आवेशय आवेशय केलय केलय भाषय भाषय ऐँ ह्रीँ श्रीँ हन हन सप्तमातृके हुँ फट् स्वाहा ॥

हे भद्रकाली! हे सप्तमातृके! आप समस्त कामनाओं की सिद्धि देनेवाली हैं। ज्ञान, शक्ति और प्रेम प्रदान करें। 🌸

🌹 मन्त्र ३ 🌹

ॐ नमो भगवति ह्रीँ ज्वल ज्वल शूलिनि संहारकालि अष्टभुजे शालिनि एहि एहि आगच्च आगच्च आवेशय आवेशय केलय केलय भाषय भाषय बन्धय बन्धय घातय घातय छिन्धि छिन्धि ... ह्रीँ दुर्गे परमन्त्र परयन्त्र परतन्त्र विद्यास्तम्भिनि स्वमन्त्र स्वयन्त्र स्वतन्त्र विद्याविवर्धिनि ॐ हाँ ह्रीँ हूँ हुँ फट् स्वाहा ॥

हे माँ शूलिनी संहारकाली! आप सभी ग्रह, रोग, भय और दुष्ट शक्तियों का नाश करें। साधक को रक्षा, ज्ञान और मुक्ति प्रदान करें। 🌼

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